अहिल्याबाई

आज 31 मई 2022 मंगलवार अहिल्याबाई की जन्म तिथि है आज के अपने कविता में मैं अहिल्या बाई होल्कर की जीवनी एवं उनके इतिहास का संक्षिप्त परिचय देने का प्रयास कर रही हूं। इस कविता के माध्यम से मैं आपको नारी शक्ति के बारे में परिचित कराना चाहती हू। उम्मीद करती हूं इस कविता को पढ़ने के पश्चात वे, जो लड़की को बोझ मानते हैं, उनकी मानसिकता अवश्य परिवर्तित होगी।🙏🏿🙏🏿🙏🏿🙏🏿🙏🏿

31 मई 1925 को,
अहमदनगर हुआ था धन्य।
चौढ़ी गांव में जन्मी होल्कर,
पूरा महाराष्ट्र किया था पुण्य।

नारी सब कुछ कर सकती है,
होलकर ने यह दिया प्रमाण।
विपदाओं का हंस की सामना,
तोड़ सका ना कोई त्राण।

महाराष्ट्र की नटखट बाला,
बड़ी विदुषी और समझदार।
इन्हीं गुणों के वशीभूत हो,
खंडेराव ने कर लिया था व्याह।

सुत व सुता दोनों ही जाईं,
जीवन सुख -समृद्धि से पूर्ण।
खंडेराव ने प्राण तजे तब,
विपदाएं आईं भरपूर।

राज -काज तज बनु तपस्विनी,
अहिल्या ने कर लिया विचार।
ससुर मल्हार दिए राज- दुहाई,
निर्णय बदली ना कीं इंतज़ार।

देवी रूप भारत पूरा पूजे,
इंदौर शहर गाए गुणगान।
भाद्र -कृष्ण की चतुर्दशी को,
मने अहिल्योत्सव जगत ले जान।

तमस मिटा प्रकाश फैलाईं,
परमार्थ हित दे दी जान।
राज्य ,वंश हित सब न्योछावर,
हंसते-हंसते निकले प्राण।

13 अगस्त 1945,
कालगति चुपके से आई।
70 वर्ष आयु थी इनकी,
दुनिया से हो गई विदाई।

साधना शाही, वाराणसी

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By Sadhana Shahi

A teacher by profession and a hindi poet by heart! Passionate about teaching and expressing through pen and words.

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