बृजभूषण जो की एक नामचीन नेता है उन पर महिला पहलवानों ने आरोप लगाया कि उन्होंने 7 लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया है। बृजभूषण शरण सिंह ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि अगर मेरे खिलाफ एक भी मामला साबित होता है तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का चार्ज लगाया गया है जिसका सिलसिला अभी तक चल रहा है जो बहुमूल्य धरोहरें अनैतिक तरीके से देखा जा सकता है।

हालाकि बृजभूषण शरण सिंह नै अपने फेसबुक ट्विटर हैंडल्स पर सफाई देने का जो कमान है वो बड़ी तेज़ी पकड़ा हुआ है। एक तरफ बृजभूषण आए दिन अपनी गवाही लिखित तौर पर पूरी दुनिया के सामने साझा करते जा रहे है, और दूसरी तरफ महिला पहलवानों का एक समूह दिल्ली में धरने पर बैठा हुआ है। यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है निशित तौर पर अगर देखा जाए तो यह वो महिलाए है जिन्होंने अपने देश के लिए कितने गोल्ड सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के साथ ही साथ भारत की अपनी एक अलग पहचान बनाई है पूरे दुनिया मैं, हो ज़ाहिर है वो ऐसी ही एक नामचीन नेता के विरुद्ध ऐसे सवाल नही उठा सकती जिनसे उनके स्वाभिमान पर सवाल उठे, जायज़ ही की उनके सवाल निशित तौर पर सच को दर्शना चाह रहे है और जिसे झुठलाया नहीं जा सकता है।

इतिहास की कई पुरानी धारणाएं बदल सकती है मगर सवाल उस नजरिए का है जो किसी देश की समृद्ध विरासत जिन्हे हम बेटियां के नाम से पुकारते है वे उस विरासत को निखारने के लिए स्पष्ट रूप से इतिहास लेखन को बढ़ावा देती आ रही है ऐसे मैं एक वरिष्ठ नेता का यू घृणास्पद काम एक भारतीय विरासत को नष्ट करने का अनवरत रूप समझ आता है लिहाजा देखा जाए तो इस अनावश्यक लांछन का बोझ बृजभूषण सिंह को अपने माथे झेलना पड़ेगा। लेखक के इस तर्क मैं वजन है की सिर्फ एक तरफ की कहानी को ही न दर्शाया या सुनाया जाए बल्कि दूसरी तरफ उन महिला खिलाड़ियों की प्राचीनता को भी समझा जाए जो साक्ष्य रूप से अपने समृद्ध एवम अपने स्वाभिमान को विकसित रूप से निखारने की प्रक्रिया को बरकरार किया है ताकि मानवता के प्राचीनतम शब्द का साक्ष्य रहे अन्यतः इन सक्षियो को मानने से इंकार, उनके विकृत नजरियों का घोतक हैं।

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