कश्मीर को जन्नत कहा जाता है। लेकिन इस जन्नत में पिछले कुछ दिनों से आतंकियों ने कोहराम मचाया हुआ है। कश्मीर से धारा-370 हटाने के बाद केंद्र सरकार ने ये दावा किया था कि अब कश्मीर में लोग बिना किसी डर के घूम सकते हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों की बात करें तो शायद केंद्र सरकार कहीं चूकती हुई नजर आ रही है जिससे कश्मीरियों और जवानों को अपनी जान देनी पड़ रही है।


5 अक्टूबर को तीन लोगों पर आतंकी हमला


5 अक्टूबर को अतंकवादियों ने एक घंटे के अंदर 3 जगहों पर हमला किया जिसमें 3 लोगों को मौत की घाट उतार दिया। पहला हमला श्रीनगर के चर्चित फार्मेसी माखनलाल बिन्दरु पर किया गया। वहीं दूसरा हमला श्रीनगर के मदीन साहिब में एक स्ट्रीट हॉकर पर किया गया । जिसके बाद बांदीपुरा जिले में एक आम नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।


7 अक्तूबर को शिक्षकों को बनाया निशाना


आतंकवादी एक के बाद एक हमले में हिन्दुओं को टारगेट पर ले रहे हैं। 7 अक्टूबर को श्रीनगर के ईदगाह के स्कूल में घुसकर 2 शिक्षकों को मौत के घाट उतार दिया। बता दें मृतक शिक्षक सुपिंदर सिख समुदाय और दीपक चांद कश्मीरी पंडित थे।
16 अक्टूबर को प्रवासी को बनाया निशाना
इसके बाद श्रीनगर में ईदगाह इलाके में अरविंद कुमार शाह और फिर पुलवामा में सगीर अहमद को अपने नापाक साजिश का शिक्रार बनाया। बता दें मृतकों में एक बिहार और एक यूपी का निवासी था।
17 अक्टूबर को बिहार के 3 मजदूरों पर हमला
कुलगाम जिले के वानपोह इलाके में बिहार निवासी राजा ऋृषि, जोगिंदर ऋृषि की हत्या कर दी थी। जबकि एक शख्स चुनचुन ऋृषि घायल हैं।

धारा 370 हटने के दूसरी बरसी से पहले हमला


इससे पहले भी 3 अगस्त को आतंकवादियों ने श्रीनगर के खानयार (शहर) में हमले की कोशिश की थी। हमले में एक जवान समेत 3 आम नगरिक घायल हो गए थे। हालांकि उस आतंकी हमले में किसी की मौत नहीं हुई थी।
हमले की जिम्मेदारी यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ने ली
रविवार को जम्मू कश्मीर में कुलगाम जिले के वानपोह इलाके में हुए को लेकर यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया है। इस बयान में इस संगठन ने रविवार के हमले की जिम्मेदारी लेते हुए धमकी दी है कि यह हमला हिंदुत्ववादी ताकतों की ओर से मुस्लिमों को लिंच किए जाने के जवाब में है। यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ने कहा कि बीते एक साल में बिहार में 200 मुस्लिमों को लिंच करके मारा गया है। आंतकी संगठन ने इस बात की धमकी भी दी है कि जम्मू-कश्मीर से बाहर के लोग लौट जाएं । रविवार को आतंकवादियों ने 2 प्रवासियों की हत्या कर दी थी।


कौन है यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट


अब जम्मू कश्मीर में आतंकी हमलों के पीछे यूनाइटेड लिब्ररेशन फ्रंट, द रेजिस्टेंट फ्रंट (टीआरएफ), फ्रीडम फाइटर जैसे संगठन के नाम सामने आते हैं। इससे पहले कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा, हिफजुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-मोहम्मद, जमात-उल-मुजाहिदीन, हरकत-उल-अंसार, लश्कर-ए-उमर, लश्कर-ए-जब्बार, अल बदर, अलकद उल जेहाद ए इस्लामी, अल बर्क जैसे संगठन के नाम पहले कश्मीर के हमले में सामने आते रहे हैं। ये सभी आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर में अपना दबदबा बनाने के लिए मासूम और बेगुनाह कश्मीरियों को अपना शिकार बनाते आ रहे हैं। इस बार आतंकी संगठन ने गैर कश्मीरी और गैर मुश्लिमों को निशाने पर लिया है। क्योंकि अगर पिछले 2 हफ्तों के हमले को देखें तो आतंकवादियों ने प्रवासी मजदूर और हिन्दुओं पर हमले किए हैं। वहीं आतंकी हमलो की जिम्मेवारी लेते हुए यूनाइटेड लिब्ररेशन फ्रंट ने गैर मुस्लिमों को मुस्लिमों के लिंचिंग का बदला लेने की धमकी दी है।

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By Nidhi Savya

Talented and immensely creative journalist with a commitment to high-quality research and writing.  Dedication to sound investigative research methods and a strong desire to know the truth of the matter. Currently walking on the path of gaining experience in the field of journalism. Breaking News Reporter- Working in Kashish News

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