कृषि कानून के बाद अब गन्ना के मूल्य पर किसानों का प्रदर्शन, किसानों का प्रदर्शन बना आमजन के लिए मुसीबत

किसानों का प्रदर्शन- देश में एक तरफ दिल्ली में किसान कृषि कानूनों को लेकर पदर्शन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर किसानों के एक समूह ने शुक्रवार से जालंधर में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरु कर दिया है। किसान गन्ने की फसल के लिए नए राज्य सुनिश्चित मूल्य (एसएपी) को लकेर मुख्य राज्य मार्ग और ट्रेन के पटरियों पर बैठकर सरकार के खिलाफ अपना प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों और पंजाम के सीएम अमरिंदर सिंह के बीच सोमवार को अंतिम बैठक हुई जिसमें इसे लेकर कोई नतीजा नहीं निकल सका है।

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 कई ट्रेनें हुई रद्द

 आक्रोशित किसानों ने जालंधर के मुख्य रेल लाइन पर बैठकर वहां से गुजरने वाली सभी ट्रेनों के आवागमन को बाधित कर दिया है। इस मामले में फिरोजपुर मंडल के अधिकारियों ने कहा कि जालंधर में हो रहे किसानों के प्रदर्शन के कारण उन्हें कई ट्रेनों को या तो रद्द करना पड़ा या फिर उन्होनें ट्रेनों के रुट को डायवर्ट किया है। अब तक की जनकारी के अनुसार मंगलवार को 27 एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। जबकि 11 ट्रेनों के रुट को शॉर्ट टर्मिनेट या डायवर्ट किया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रद्द की गई ट्रेनों में अमृतसर-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस भी शामिल हैं।

किसानों की मांग

किसान सरकार से गन्ने का सर्मथन मूल्य बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रदर्शनकारी किसान राज्य सरकार से गन्ने की बकाया राशि का भी भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने कहा है कि अगर जल्द सरकार ने हमारी मांगों को नहीं माना तो पंजाम बंद का आवाह्न करेंगे।

किसानों के प्रदर्शन के कारण आमजन हुए परेशान

किसानों ने अपने मांगों के लिए जालंधर के मुख्य रेलवे लाइन और मुख्य हाईवे पर धरना दिया है। बता दें वहां से गुजरने वाली सभी ट्रेनों को इसके वजह से रद्द करना पड़ा है या फिर रेलवे को निर्धारित स्थान से पहले स्टेशन पर यात्रियों को उतारना पड़ रहा है। ट्रेन के रद्द होने के कारण यात्रियों को कई तरह के परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री जो वैष्णव देवी जाने के लिए अपने घर से निकले थे उन्हे जालंधरसे पहले ही उतार दिया जा रहा है। जिससे किसानों को कटरा जाने के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है। वहीं जो यात्री वैष्णव देवी में दर्शन कर के वापस लौटने के लिए स्टेशन आए उन्हे निराशा का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों के रद्द होने के कारण यात्री माता के दर्शन के बाद वहां से निकल नहीं पा रहे हैं। वहीं ट्रेन रद्द होने के बाद बसों का किराया भी आसमान छूने लगा। बढ़े हुए किराये के कारण कई लोग बिना किसी सुविधा के जम्मू में भटकने को मजबूर हो गए हैं। यात्रियों ने किसानों से जल्द से जल्द इस आंदोलन को खत्म करने की अपील की है।

रेलवे ने 53.65 रुपए किए रिफंड

बता दें सोमवार को किसानों के प्रदर्शन के कारण रेलवे को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रदर्शन के कारण सोमवार को 63 टेनें प्रभावित रहीं। जिसमें 27 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। 11 ट्रेनों का रुट डायवर्ट करना पड़ा और 25 ट्रेनों को कुछ देर के लिए रोक दिया गया। फिरोजपुर मंडल के अधिकारियों ने बताया कि अबतक ट्रेनों को रद्द करने के लिए 12 हजार 300 यात्रियों को 53.65 लाख रुपए रिफंड किया गया है।

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By Nidhi Savya

Talented and immensely creative journalist with a commitment to high-quality research and writing.  Dedication to sound investigative research methods and a strong desire to know the truth of the matter. Currently walking on the path of gaining experience in the field of journalism. Breaking News Reporter- Working in Kashish News

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