भारतवर्ष में राष्ट्रीय और धार्मिक दो प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं।हिन्दू धर्म में दिवाली का त्योहार बहुत ही ख़ास होता है। इस त्योहार के एक महीने पहले से ही हिंदू समुदाय इसकी तैयारी में लग जाते हैं। सभी ओर उत्साह और उत्सव का महौल होता है। सभी के दिलों में-

दिवाली आने वाली है,
यह खुशियांँ लाने वाली है।
सब भेद मिटाने वाली है,
दिखती ना कहीं भी काली है।

का भाव उद्बुद्ध होने लगता है।

इस त्योहार के मनाने के लिए पहले से ही घर को साफ़-सुथरा करके रंग-रोगन कर हर झुग्गी -झोपड़ी, महल -अटारी, अट्टालिका आदि सभी भवनों को सुंदर और आकर्षित कर दीपावली के दिन गणेश लक्ष्मी कुबेर माता सरस्वती आरती देवी- देवताओं की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजन किया जाता है और चारों तरफ़ दीप प्रज्वलित कर अमावस के अंँधेरे को पूनम की भांँति प्रकाशित कर दिया जाता है। अगली सुबह कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को इन दीपों की रोशनी में नहाया हुआ मानव गोवर्धन पूजा और अन्न कूट की तैयारी में लग जाता है।

वैसे तो यह पर्व उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड आदि अनेकानेक राज्यों में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। किंतु, मथुरा और वृंदावन में इस पर्व की छटा अत्यंत मनोहारी होती है।

इस दिन घर के बाहर कहीं भी खुले स्थान पर गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत, ग्वाल- बाल, गाय, बछड़ा, बैल आदि की सुंदर आकृतियांँ बनाकर चावल, फूल, रोली, बताशा, मिठाई, दही आदि पदार्थों का भोग लगाकर श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजन करते हैं और फिर परिक्रमा करते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में इस दिन गाय, बछड़े, बैलों आदि पशुओं को नहलाकर, उनको मिठाई खिलाकर फूल चढ़ाकर, माला पहनाकर, चंदन रोली का टीका लगाकर उनका भी पूजन और आरती किया जाता है।

लोगों का ऐसा विश्वास है कि अन्नकूट/गोवर्धन पूजा पर्व मनाने से मनुष्य को लंबी आयु तथा आरोग्यता की प्राप्ति होती है साथ ही दारिद्रय का नाश होकर मनुष्य जीवनपर्यंत सुखी और समृद्धिशाली रहता है। ऐसा माना जाता है कि यदि इस दिन कोई मनुष्य दुखी रहता है तो वह वर्षभर दुखी ही रहेगा। इसलिए हर मनुष्य को इस दिन प्रसन्न रहकर भगवान श्रीकृष्‍ण के प्रिय अन्नकूट उत्सव को भक्ति तथा आनंदपूर्वक मनाना चाहिए। क्योंकि यह पर्व भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप की स्मृति में ही मनाया जाता है।

साधना शाही, वाराणसी

By Sadhana Shahi

A teacher by profession and a hindi poet by heart! Passionate about teaching and expressing through pen and words.

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